Dr. Savita Uppal
डॉ. सविता उप्पल

प्राचार्या
आर्य कॉलेज, लुधियाना।

प्राचार्य की ओर से...

“तमसो मा ज्योतिर्गमय” अर्थात् मुझे अन्धकार से प्रकाश की ओर ले जाओ यह प्रार्थना भारतीय संस्कृति का मूल स्तम्भ है। प्रकाश में व्यक्ति को सब कुछ दिखाई देता है,अन्धकार में नहीं।यह प्रकाश शिक्षा के माध्यम से ही सम्भव है। उत्तम शिक्षा सभी के लिए जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक है। शिक्षा आत्म विश्वास को विकसित करती है और एक व्यक्ति के व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करती है। शिक्षा मस्तिष्क को उच्च स्तर पर विकसित करती है और समाज में लोगों के बीच सभी भेदभावों को समाप्त करने में सहायता करती है।